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उम्मीद-8…एसडीएम कुक्षी: दबंग अभी बचें…अतिक्रमण मुहिम जारी रहे यही न तोड़ दे दम… कुक्षी में नेता ही नही… नोटंकी भरा विरोध

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कुक्षी।अब तक की मिली जानकारी और कार्यवाही के अनुसार कुक्षी में विजय स्तम्भ चोराहे से नरीमन पॉइंट तक तो अतिक्रमण हटाया गया। पर उम्मीद के साथ सवाल उठता है कि, बचें हुए दबंगो और नगर के अन्य प्रमुख मार्गों के अलावा शासकीय भूमि पर किये गए पक्के निर्माणों को भी तोड़ने का साहस दिखाएंगे या यही पर गुमटी, टिन सेड हटाकर औपचारिकता भर कर ली गई? अतिक्रमण का समर्थन करते है पर, पूरे नगर व दबंगो सहित सभी पर लगातार चले निष्पक्षता पूर्ण अतिक्रमण का हथौड़ा… जनाब जरा नगर की गलियों से गुजर कर तो देखो तो पता चलेगा कि, कहा तोड़े और कहा जोड़े…

*आगे बात,पीछे सपाट*

अतिक्रमण मुहिम के दौरान देखने को मिला कि, कुक्षी में नेता नही पर नोटंकीबाज जरूर है। आगामी समय मे नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए जनता के शुभचिंतक बनने की नोटंकी करते हुए अतिक्रमण का विरोध करने के लिए पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश धाड़ीवाल, पूर्व विधायक मुकाम सिंह किराड़े, भाजपा मंडल अध्यक्ष पूनम कसेरा सहित कई भाजपा के नेता कहलाने वाले नोटंकीबाज लोगो द्वारा विरोध किया गया। प्रशासन से बहस बाजी करने पर इनकी नही चलती, फिर चलो धरने पर बैठे बोल कर विजय स्तम्भ जाते है शायद जलने लगी तपन से तो फट से उठ कर वापस अतिक्रमण मुहिम चल रही वहां आ गए, फिर बहस शुरू होती और ले दे कर अधिकारी कहते चलो अभी औपचारिकता कर लेते है जेसीबी वापस भेज देते है, फिर ये आगे-आगे बढ़ते ओर पीछे से जेसीबी का पंजा चलता किसी के कहने पर फिर वापस आते है कि, तोड़ रहे हो बन्द करो जिसके बाद फिर बहस करने के लिए आगे बढ़ जाते और पीछे से तोड़ा जाता है। इतना होते हुए भी अधिकारी और नोटंकी कर्ता लोग आपस मे एक दूसरे को धन्यवाद देते रहे और नेता कहलाने वाले लोग निकल लिए फिर क्या था अतिक्रमण ढंग से हटा ओर नोटंकीबाज लोगो की औकात स्पष्ट दिख रही थी।

*थके हारे प्रशासन के पांव दबाने पहुँचे नोटंकीबाज*

हँसी आती है इन दोगलो को नेता कहते है तो, क्योकि दिनभर प्रशासन के साथ नोटंकी भरी कबड्डी-कबड्डी करने के बाद शाम 5 से 6 बजे के लगभग ज्ञापन देने पहुँचे एसडीएम के पास ओर गरीबो की दुहाई देकर भाजपा आंदोलन करेगी यह बात कही गई। अब कैसा आंदोलन ज्ञापन ही देना था तो मुहिम चालू होने से पहले देना था। साथ ही, दिनभर तो प्रशासन के आगे पीछे सत्ताधारी होने के बाद भी दुम हिलाते रहे एक भी नही सुनने के बाद अब कैसा आंदोलन? दम है तो नोटंकी मत दिखाओ कुछ करके बताओ…

*क्या यहां शांति भंग व भय का वातावरण नही हुआ गुप्ता?*

गणतंत्र दिवस पर शांतिपूर्वक वाहन रैली(तिरंगा यात्रा) निकालने पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओ पर शांति भंग व भय का वातावरण बनाने का बहाना भिड़ा कर कई दिनों पश्चात धारा-107 सहित इस प्रकार की कार्यवाही की गई थी। अब कानूनी ज्ञान बाटने वाला एसडीएम रिशव गुप्ता बताए कि, अतिक्रमण हटाने के दौरान जेसीबी पर पत्थर मारकर कांच फोड़ने व आवागमन में बाधा उत्पन्न होने व खुद एसडीएम सहित नोटंकीबाज लोगो के बीच हुई बहस बाजी से शांति भंग या भय का वातावरण नही निर्मित हुआ क्या? क्यो न एसडीएम सहित इन तमाम लोगों पर भी इस प्रकार की कार्यवाही की जाती है? स्पष्ट लग रहा कि , एसडीएम अपनी मनमानी पर उतारू है। पर इतना जरूर याद रखना…

*मुझे वक़्त कहते है, मेने कई बादशाहों को दरबान बनाया है।*

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