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उम्मीद-6…एसडीएम कुक्षी : डंके की चोट पर निकली फिर तिरंगा यात्रा,दम है तो करे एसडीएम कार्यवाही

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✍🏽सोमेश्वर पाटीदार-प्रधान संपादक👁
📞…9589123578

हँसी भी आ रही और गुस्सा भी आ रहा…क्योंकि,ज़नाब को भी उम्मीद नही होगी कि, एक उम्मीद से कई उम्मीदों को जन्म दे दूंगा… वैसे तो 5 उम्मीदें धार जिले के कुक्षी एसडीएम रिशव गुप्ता से कर चुके है 6-टी उम्मीद के साथ बता दे कि, गणतंत्र दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई थी और कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रप्रेम प्रकट करते हुए राष्ट्रीय नारे लगाये गए थे। जिसके कई दिनों बाद पल्ले पड़ने पर इन कार्यक्रताओं को भय व अशांति की कहानी गढ़ते हुए धारा-107 का नोटिस थमा दिया था। आक्रोशित कार्यकर्ताओ ने धरने दिए और एसडीएम पर ही राष्ट्रद्रोह का प्रकरण दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद एक रैली बिना अनुमति के नर्मदा सेवा यात्रा के समर्थन में भी निकाली गई थी, और अब डंके की चोट पर बिना अनुमति के गत दिवस नगर के प्रमुख मार्ग से फिर एबीवीपी ने तिरंगा यात्रा निकाली।जिसमे पूर्व विधायक मुकाम सिंह किराड़े, नगर पंचायत नेता प्रतिपक्ष लक्ष्मण बघेल, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष पूनम कसेरा,भाजपा जिला मंत्री महेंद्र सेफ्टा,नितिन पहाड़िया, विश्लेष सोनी,जनहित संघर्ष समिति अध्यक्ष महिमाराम पाटीदार, सहित कई लोग तिरंगा यात्रा में शामिल थे, व विजय स्तम्भ चोराहे पर सीना ठोक कर एसडीएम को ललकारते हुए कार्यकर्ताओ को संबोधित किया गया। अब सीधा सवाल एसडीएम रिशव गुप्ता से कि, क्या इन पर भी भय व अशांति का माहौल बनाने के नाम पर कार्यवाही करने का साहस है ? क्या बिना अनुमति के धरने व नर्मदा सेवा यात्रा के समर्थन में रैली निकाली गई थी उन पर कार्यवाही की ? ज़नाब… कानून के नाम पर ही अमीरों को बसाने व गरीबो को उजाड़ने… रसूखदारों के आगे कुर्सी छोड़ने व आमजन को नाक रगड़ने… दबंगों के साथ कोण्डवलियो खेलते और कमजोर को टरकाने वाले कई मामले शासकीय सिस्टम में देखे ही नही डंके की चोट पर लिख भी चुका हूँ… गणतंत्र दिवस की तिरंगा यात्रा को लेकर की गई कार्यवाही की निंदा करता हूँ, फिर भी माना कि, सही कार्यवाही थी तो बाद में किये गए धरने व यात्रा पर भी कार्यवाही कर दिखाये, साथ ही जितनी उम्मीदे की गई उन पर खरे उतर कर दिखाये… नही तो साथ में लेकर जो कानून की किताब चलते हो उसे सूटकेस से बहार ही मत निकालना… क्योंकि कानून सभी के लिए समान है फिर चाहे में,आप या तिरंगे का अपमान करने वाला नरेंद्र मोदी ही क्यों न हो…ओके… इन्हीं उम्मीदों के साथ चलते है, फिर मिलेंगे बहुत जल्द नई उम्मीद के साथ…

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