Home एक्सक्लूसिव नर्मदा को छलनी कर संरक्षण की बात हजम नही होती शिवराज…

नर्मदा को छलनी कर संरक्षण की बात हजम नही होती शिवराज…

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अब जनता नही बनेगी मामू
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✍🏽सोमेश्वर पाटीदार-जनादेश पर नज़र👁
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इंदौर। नमामि देवी नर्मदे… भाजपा की रामलीला के बाद शिवराज सरकार की नई पेशकश चल रही नर्मदा सेवा यात्रा…। जिस प्रकार राम मंदिर के नाम पर छल कर कमल खिलाकर भूल गए ये पाखंडी, उसी तरह अब व्यापमं जैसे महा घोटाले को अंजाम देकर 50 से अधिक व्यक्तियों की जान जाने के बाद भी पाप धोने के लिए पाप नाशिनी माँ नर्मदा के आगे नाक रगड़ने की नोटंकी कर रहे। वो तो माँ है पाखंडियों… क्योंकि “पूत कपूत हो सकता माँ कुमाता नही” तुम्हारे द्वारा ही उसको छलनी कर सीने से निकाली अवैध खनन कर रेत के बाद भी शर्म नही आ रही और बे-शरम बन कर संरक्षण के नाम पर नोटंकी भरी नर्मदा सेवा यात्रा निकाल रहे। तेरी इस नोटंकी के कारण कितने गरीब,मजदूर,छात्र और जनता परेशानी भोगती… भान है शिवराज…? जनकल्याण के नाम पर कार्यक्रम आयोजित कर राजनीतिक रंग में रंगा जाते है और भीड़ जुटाने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता,सहायिका,आशा कार्यकर्ता आदि हथ कंडे अपना कर जबरन भीड़ से कार्यक्रम की सफलता बताने का दुस्साहस होता आया और हो रहा। इनको कार्यक्रम में ले जाने के लिए स्कूल बस व निजी बस वाहनों का प्रशासन से अधिग्रहण करवाते हो। परिणाम स्वरूप यात्री को जिस स्थान पर जाना होता है नही पहुँच पाता क्योंकि बस आधे रुट से ही अधिग्रहित कर ली जाती है। कई मजदूरों को भी रात्रि में परेशान होते देखा गया। इसके अलावा शिक्षा के नाम पर अभियान चलाकर करोडो खर्च करने वाली सरकार की आवभगत के लिए जबरन स्कूल बसों का भी अधिग्रहण किया जाता है जिसकी वजह से छात्र-छत्राएँ कम से कम 2 दिनों तक स्कूल जाने से वंछित होते है, बताओ कैसे पढ़े और बड़े शिवराज…? तेरी यात्रा की नैय्या पार लगाने के चक्कर में जनता के काम छोड़ सारे अधिकारी-कर्मचारी परेशान होकर तैयारियों में रात-दिन लगे रहते शिवराज…उज्जैन सिंहस्थ में जिस प्रकार घोटाले के आरोप लगे थे उसी प्रकार नर्मदा सेवा यात्रा भी कहीं घोटाले की शिकार न हो जाये ध्यान रखना शिवराज…मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रूपये हो गया और जिसका सालाना ब्याज 6000 करोड़ रूपये होता है। और सरकार लोकलुभावनी नोटंकी कर सरकारी धन की बर्बादी में लगी है। नर्मदा का संरक्षण ही करना है तो अवैध खनन करने वालो को संरक्षण देना बंद करो शिवराज… कोई ईमानदार अधिकारी क़ानूनी चाबुक दिखाता है तो, सत्ता के नशे में चूर तुम्हारे शिवगण अप्रिय घटना को अंजाम देने से भी बाज़ नही आते शिवराज… मुगालते में हो, धर्म का झंडा उठाकर नर्मदा यात्रा के नाम पर पाखंड दिखाने से मिशन 2018 में सफल नही हो पाओगे। घोषणाओ की झड़ी और आकड़ो की जादूगरी से जनता अब मामू नही बनेगी शिवराज…जमीन के लोगो से जमीन पर ही बात करो, उड़ने से हवा निकलकर गिरने में देर नही लगेगी शिवराज…माँ नर्मदा से विनती करता हूँ कि, इनको सही मार्ग पर चलने की सद्बुद्धि दे… नर्मदे हर…

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