Home कुक्षी उम्मीद… एसडीएम कुक्षी: लाखों फूंक कर भी सौन्दर्य को तरसता गायत्री सरोवर

उम्मीद… एसडीएम कुक्षी: लाखों फूंक कर भी सौन्दर्य को तरसता गायत्री सरोवर

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समयावधि गुजरने के बाद भी जिम्मेदार बने हुए है बे-शरम
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✍🏽सोमेश्वर पाटीदार-जनादेश पर नज़र👁
📞…9589123578

कुक्षी।सौन्दर्यीकरण…धार जिला ही नही प्रदेश में अनोखा है सरोवर के पानी और उसके केंद्र में स्थित माँ गायत्री का मंदिर कुक्षी में… जिसके सौन्दर्यीकरण हेतु मुख्यमंत्री की घोषणा से 1 करोड़ 87 लाख रूपये शासन द्वारा नगर पंचायत कुक्षी को स्वीकृत किया गया था। सौन्दर्यीकरण के साथ सरोवर में कालोनियों का गन्दा पानी नालियों द्वारा न आये इसलिए ड्रेनेज लाइन का कार्य भी करना था। इस कार्य को करने का कार्यादेश दिनांक-11/09/2013 को हुआ, और कार्य पूर्ण करने की नियत समयावधि कार्यादेश जारी दिनांक से 1 वर्ष तक है, यानि वर्ष-2014 में ही कार्य पूर्ण होकर सरोवर सौन्दर्य से परिपूर्ण हो जाना था। दुर्भाग्य है कि, कार्य पूर्णता की समयावधि के अतिरिक्त 2 वर्ष से अधिक समय गुजरने के पश्चात् भी कार्य अपूर्ण होकर गायत्री सरोवर अपने सौन्दर्य को तरस रहा। ऐसा भी नही कि, कुछ नही किया गया…किया है पर, उम्मीद नही थी इस तरह किया गया। जैसे- पुरानी बाउंड्री वाल पर ही मरम्मत कर नई बिठा दी और रंगाई पुताई की गई। परिणाम स्वरूप एक ही बरसात में धड़ाम से दीवाल गिर गई। वो तो कृपा माँ गायत्री की हुई जो कोई जनहानि नही हुई। सरोवर में बदबू मारता गन्दा पानी और जलकुंभी की भी थी भरमार… जिसे लाखो खर्च कर खाली व साफ करने का काम किया, लेकिन लापरवाही के चलते पानी पूरा खाली भी नही कर पाये थे और अगली बारिश हो गई, जिससे फिर पानी भर गया और मेहनत गई पानी में…और इसी कारण बहाना फिर मिल गया कि, पानी भरा हुआ है निर्माण कैसे हो। लाइट डेकोरेशन कर भी सौन्दर्य दिखाने का प्रयास किया गया पर, वह भी सरोवर के किनारे लगे पाइप के खंभे और पेड़ों पर अब चमकते हुए नही दिखाई दे रहे। फुटपाथ पर पेवर्स लगाकर भी सुविधा देना चाहा पर नगर में जिस तरह सभी जगह पेवर्स बराबर सेटिंग नही होने या उखड़ने वाली स्थिति है वही हाल यहां भी बने हुए है। कुछ दिन पूर्व पक्के फाउंटेड की जगह फाईवर के पानी में फव्वारें भी लगाये गए है, जिससे उड़ने वाला गन्दा पानी भी आने-जाने वालों को वास्तविकता से रूबरू करवा रहा है। रही बात ड्रेनेज लाइन की तो वह भी कई बार खोदा -भरा के खेल करने व इधर से या उधर से जाये किधर से की मसक्कत के बाद भी अपूर्ण है। कलेक्टर श्रीमन शुक्ल आये थे, और मुआयना कर दिशानिर्देश भी दे गए थे। तब ही बात सरोवर के समीप गार्डन की भी निकली थी,और उत्साही जनप्रतिनिधि ने अगली बार एक माह में गार्डन पूर्ण होने का वादा कलेक्टर से कर दिया था। और आज भी देखो गार्डन तो दूर गंदगी से भी अब तक मुक्ति नही मिली। जनचर्चा में थू-थू हो रही…और सवाल उठता है कि, जिम्मेदारों की लापरवाही है या कहीं भ्रष्टाचार तो नही? खेर जो भी हो पर, उम्मीद करने वाले रिशव गुप्ता एसडीएम(आईएएस)कुक्षी से कुक्षी नगर की जनता और में उम्मीद करता हूँ कि, जिस तरह दुसरो से उम्मीद करते हो…वैसे ही जरा खुद और जमात के लोग भी उम्मीद पर खरे उतरे ऐसी उम्मीद करते है… और क्यों न करे… हम आपसे नही तो किससे करे उम्मीद…आप ही तो संविधान की किताब दिखाकर ज्ञान बाटने वाले हमारे एसडीएम कुक्षी हो… उम्मीद करता हूँ…अतिशीघ्र इस कार्य को ईमानदारीपूर्वक पूर्ण करवाकर उम्मीद पर खरे उतरने की… ओके फिर मिलेंगे अगली बार एक नई उम्मीद के साथ…

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