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औलाद कभी भी माता पिता के ऋण से मुक्त नही हो सकती – पं.शर्मा

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● नवादपुरा मे उमड़ रहा भक्तजनो का सैलाब
● कथा मे रुक्मणी विवाह पर भांजी कविता का हुआ विवाह सम्पन्न
इफराज कुरैशी द्वारा । कुक्षी के समिप ग्राम नवादपुरा मे 4 फरवरी से स्व.पेमाजी पटेल की स्मृति मे आयोजित हो रही भागवत कथा महोत्सव मे कथावाचक ज्योतिषाचार्य पंडित श्री सुभाष जी शर्मा दत्तीगाव के मुखारबिंद से प्रवाहित हो रही संगीतमय श्री मद भागवत कथा मे भक्तजनो को रसपान कराते हुए गुरुवार को भगवान कृष्ण के मथुरा आगमन, मल्लयुद्ध, कंसवध एवं रुक्मणी विवाह का संगीतमय वर्णन प्रस्तुत किया गया। पं.सुभाष शर्मा जी ने माता पिता के महत्व को बताते हुए कहा पुत्र अपने माता-पिता, गुरु के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता। स्वयं श्रीकृष्ण ने अपने माता-पिता से भी यही कहा है। जो पुत्र अपने माता-पिता की सेवा,आदर-सम्मान के साथ नहीं करता, वह चाहे जो भी हो उसका कल्याण कदापि संभव नही । भागवत कथा मे रुक्मणी विवाह के साथ नवादपुरा के विकास पुरुष व स्व.पेमाजी पटेल के सपनो को साकार करने वाले कमल पेमाजी पटेल की भांजी सो.का.कविता का शुभविवाह भी सम्पन्न हुआ । श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा गंगा मे डुबकी लगाई और कृष्ण रुक्मणी विवाह में जमकर नृत्य किया साथ ही नवविवाहित जोड़े को आशिर्वाद प्रदान करने के साथ नवादपुरा मे कथा का श्रवण करने भक्तजनो का विशाल जनसैलाब उमड़ रहा है । कथा पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमे हजारो की तादात मे भक्तजनो ने महाप्रसादी का लाभ लिया ।

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