Home कुक्षी कनक बिहारी आश्रम के नीचे घाट निर्माण के लिए भूमि पूजन हुआ

कनक बिहारी आश्रम के नीचे घाट निर्माण के लिए भूमि पूजन हुआ

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माँ नर्मदा की गोद में बैठने का यह अवसर खो चुके कुछ नेता

निसरपुर।कोटेश्वर तीर्थ मां नर्मदा की नगरी में सोमवार प्रातः 11:00 बजे कनक बिहारी आश्रम के नीचे घाट निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम पूरे विधि विधान के साथ आश्रम के महंत श्री 1008 श्री श्री अयोध्या दास जी महाराज एवं भगवताचार्य महामंडलेश्वर साध्वी 1008 आत्म चेतना जी के कर कमलों से किया गया।

800× 100 फिट घाट का निर्माण ÷
श्री कनक बिहारी आश्रम नर्मदा घाट निर्माण एवं संरक्षण समिति के तत्वाधान में ब्रह्मलीन श्री महंत श्री श्री 1008 श्री कमल दास जी महाराज की तपोस्थली एवं कर्म भूमि कोटेश्वर तीर्थ को सुरक्षित रखने एवं जल से हो रहे कटाव को रोकने के लिए 800× 100 फिट घाट एवं रिटर्निंग वॉल का निर्माण किया जाएगा।
जनसहयोग से होगा घाट निर्माण ÷

घाट निर्माण के लिए गुरु भक्तों ने जन सहयोग से बीड़ा उठाया है घाट निर्माण व रिटर्निंग वाल लगभग दो करोड़ की लागत से बनेगा आज के कार्यक्रम में 50 दान दाताओ द्वारा 6 लाख 57 हजार रुपए एवं 200 बेग सीमेंट व् 5 डंपर गिट्टी की घोषणा की गई।
अतिथियों का किया सम्मान÷ भूमिपूजन के पश्चात मंचीय कार्यक्रम में मंच पर 1008 साध्वी आत्म चेतना जी श्री 1008 श्री श्री अयोध्या दास जी महाराज महंत तेरा भाई त्यागी शास्त्री जी महाराज सियाराम दास जी महाराज एवं संत मंडली का घाट निर्माण समिति की अध्यक्ष श्रीमती रंजना बघेल व सरक्षक समिति के मुकाम सिंह किराड़े नारायण डोडिया राजनाथ अत्रे एवं भक्त मंडली द्वारा पधारे हुए समस्त अतिथियों का पुष्प माला एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया जिसके पश्चात सभी अतिथियों ने आशिर वचन देते हुए घाट निर्माण में अधिक से अधिक सहयोग देने की बात कही
यह रहे उपस्थित÷ रंजना बघेल विधायक मनावर मुकाम सिंह किराड़े पूर्व विधायक कुक्षी ,रमेश धाडीवाल पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा धार, जयदीप पटेल डही जनपद अध्यक्ष ,रामसिंह एस्के एवं निसरपुर कुक्षी सुसारी,ड़ही ,बाग, मनावर ,झाबुआ अलीराजपुर के भक्त मंडली उपस्थित थे कार्यक्रम के पश्चात भोजन प्रसादी पधारे हुए समस्त गुरु भक्तों ने ग्रहण की संचालन अरुण द्विवेदी द्वारा किया गया।

ये नेता है भाई :- इस पवित्र कार्य से भी अधिक महत्वपूर्ण कार्य सुझा होगा उन नेताओं को जो अनुपस्थित रह कर लाभ नही ले पाए। वैसे तो राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए कहीं भी बैठ जाते है। पर माँ नर्मदा की गोद में बैठने का यह अवसर खो चुके।

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