Home कुक्षी भागवत जनकल्याण की भावना व संस्कृति को समृद्ध करती है – पं.शर्मा

भागवत जनकल्याण की भावना व संस्कृति को समृद्ध करती है – पं.शर्मा

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भागवत जनकल्याण की भावना व संस्कृति को समृद्ध करती है – पं.शर्मा
● स्व.पेमाजी पटेल नवादपुरा की स्मृति मे हो रहा आयोजन।
● संगीतमय कथा पर झुम रहे है भक्तजन
इफराज कुरैशी द्वारा । कुक्षी के समिप ग्राम नवादपुरा मे 4 फरवरी से स्व.पेमाजी पटेल की स्मृति मे आयोजित हुई भागवत कथा महोत्सव के दुसरे दिन कथावाचक ज्योतिषाचार्य पंडित श्री सुभाष जी शर्मा दत्तीगाव के मुखारबिंद से प्रवाहित हो रही संगीतमय श्री मद भागवत कथा मे भक्तजनो को रसपान कराते हुए धुंधकारी चरित्र पर प्रकाश डालते हुये कहा कि आत्मसात कर लें, तो जीवन से सारी उलझने समाप्त हो जायेंगीं साथ ही कहा कि भगवान की लीला अपरंपार है। वे अपनी लीलाओं के माध्यम से मनुष्य व देवताओं के धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करते हैं। श्रीमद भागवत कथा के महत्व को समझाते हुय कहा कि भागवत कथा में जीवन का सार तत्व मौजूद है, आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा का श्रवण करने की। जब भी भागवत कथा का वाचन हो सभी को ध्यान लगाकर श्रवण करना चाहिए खासतौर पर कथा के यजमान को । पंडित श्री सुभाष जी शर्मा ने कहा कि अक्सर यह देखने मे आता है कि आयोजक यजमान कथा श्रवण से अपना ध्यान केंद्रित न कर अन्य क्रियाकलापो मे उलझ जाता है जिससे कथा का सार्थक महत्व नष्ट हो जाता है क्योंकि एकाग्रता से कथा सुनने मात्र से ही भवसागर के पार जाया जा सकता है। भागवत कथा के दुसरे दिन कथा का श्रवण करने आये भक्तजन संगीतमय कथा पर खुब झुमते हुवे आनंद लिया । पंडित श्री सुभाष जी शर्मा ने मिडिया से चर्चा करते हुए बताया कि जनकल्याण की अवधारणा व भारतीय संस्कृति को समृद्ध करने के भाव से श्रीमद भागवत कथा का आयोजन होता हैं। इस प्रकार के आयोजन से समाज में धर्म के प्रति आस्था, आपसी सामंजस्य, सद्भाव का वातावरण पनपता है। मुझे नवादपुरा मे कथा वाचन करने मे अन्तर्मन से प्रसन्नता हो रही है क्योंकि यहा के लोगो का आपसी प्रेम और अपनापन सभी के लिए एक मिसाल है और इस गांव के सभी युवा साथी और कमल पटेल ने इस गांव को विकासशील बनाकर आईएसओ का दर्जा दिलवाकर पुरे प्रदेश मे नवादपुरा का नाम गौरान्वित किया है । निश्चित ही माॅ नर्मदा के आंचल मे बसा यह छोटा सा गांव पुरे भारत मे रोशन होकर अन्य गांवो के लिए आदर्श उदाहरण पेश करेगा । अन्त मे कमल पटेल के साथ पटेल परिवार ने विधी विधान से भागवत की आरती के साथ दुसरे दिन की कथा का समापन किया ।

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