Home इंदौर निःस्वार्थ भक्ति के प्रेम में भगवान स्वयं चले आते – पं. सूर्यप्रकाश...

निःस्वार्थ भक्ति के प्रेम में भगवान स्वयं चले आते – पं. सूर्यप्रकाश पंड्या : डेहरी में कलश यात्रा के साथ हुआ नानी बाई का मायरा का शुभारंभ…

7
0
SHARE


डेहरी (कुक्षी)। जिस तरह शबरी के जूठे बेर राम ने खाये, सुदामा के प्रेम के दीवाने होकर श्रीकृष्ण स्वयं द्वार पर दौड़े चले आये, अर्जुन के लिए कृष्ण सारथी बन गए व नरसिंह मेहता की गाड़ी सुधारने कृष्णखाती के रूप में आये इसी प्रकार भगवान अपने भक़्तों की भक्ति में निःस्वार्थ प्रेम के खातिर कहीं भी किसी भी रूप में चले आते है।
उक्त बात राजस्थान के भीलवाड़ा से पधारे पं. सूर्यप्रकाश पंड्या ने कुक्षी तहसील के ग्राम डेहरी में आयोजित “नानी बाई का मायरा” के प्रथम दिवस में कहीं।
उन्होंने वर्णन करते हुए आगे कहा- दानदाता इस बात का अवश्य ध्यान रखे कि, दिया गया दान पात्र को जा रहा है, या कुपात्र को, इसी दान का दुरुपयोग कर कोई मदिरा पान या गलत जगह उपयोग करेगा तो उससे उत्पन्न कलह व बद्दुआ का प्रभाव दानदाता पर भी होगा।
कथा का शुभारंभ गंगाकुई धाम बाग से पधारें महंत श्री सुरजपुरी जी महाराज के द्वारा दीप प्रजलन कर किया गया।
इससे पूर्व डेहरी नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। उक्त पूरे आयोजन में डेहरी व आसपास की धर्म प्रेमी जनता ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
धार जिले के कुक्षी तहसील के डेहरी में दिनांक 23/05/2018 से 27/05/2018 तक समय: रात्रि 7:30 बजे आयोजित “नानी बाई का मायरा” में संगीतमय भजनों का आनंद भी महाराज द्वारा लुटाया जा रहा है। देव रूप धारण कर कई कलाकार शानदार प्रस्तुति दे रहे है। ग्राम की धर्म प्रेमी जनता द्वारा आयोजित कथा के मुख्य यजमान सपत्नीक नरेंद्र वर्मा व कथा के शुभारंभ में ही सपत्नीक रामकिशन माहेश्वरी ने कथावाचक सूर्यप्रकाश पंड्या को श्रीफल भेंट किया।

LEAVE A REPLY