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छोटे कार्यकर्ता का मनोबल गिराने वाले दुस्साहस के अलावा क्या किया रे भाजपाइयों : *जिम्मेदार के क्या मापदंड जरा इतना तो बताएं पुलिस प्रशासन ?* “बाग में चार दिन पहले डीजे झंकार रहा था तब कहा सोया था प्रशासन ?”

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✍🏽सोमेश्वर पाटीदार-प्रधान संपादक👁
*www.janadeshparnazar.com*
*📞9589123578*

*✒खड़ी कलम…*
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*लगे रहो…* टांग खींचने में निकम्मो, खुद को तो करना न धरना और जो करें उसकी टांग में डालना अड़ंगा। “हमे तो अपनो ने लूटा गैरों में कहा दम था मेरी कस्ती वहां डूबी जहां पानी कम था” यह कहावत चरितार्थ हो रही धार जिले के बाग के भाजपाइयों व स्वयं को वरिष्ठता का चोला ओढ़कर बड़े हिंदूवादी दिखाने वालों पर। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार मामला यह है कि, राष्ट्रीय गौ सेवा संघ की प्रदेश अध्यक्ष नेहा राजपूत के आतिथ्य में गत दिवस रैली व सभा का आयोजन होना था। उक्त आयोजन की बागडोर बाग भाजयुमो के उपाध्यक्ष राजेन्द्र उर्फ राजा प्रजापत के हाथों में थी। राजा प्रजापत द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नेहा राजपूत के आने की स्वीकृति के पश्चात आयोजक युवा टीम ने उत्साहित होकर पूरी तैयारियां कर ली थी। किंतु कुछ निकम्मे नेता इस आयोजन से स्वयं को बोना मानकर जलने लगे और किसी भी तरह निरस्त हो इस प्रयास में लग गए। फिर क्या था जलते निकम्मो की जलन ने युवा कार्यकर्ता को सहयोग तो नही किया पर कार्यक्रम को लेकर देखे गए सपने को जरूर जला दिया। सूत्रों से ज्ञात हुआ कि, आयोजक द्वारा कार्यक्रम की अनुमति की कार्यवाही की गई थी परंतु कुर्सी के प्यासे दिमाग से पैदल भाजपाइयों के दबाव में आयोजक को पुलिस प्रशासन ने जिम्मेदार होना नही बताया और रैली के दौरान डीजे पर भी असहमति जताकर कार्यक्रम की अनुमति न देने की बात सामने आई। इसी नाटक की वजह से गत दिवस आयोजित होने वाला कार्यक्रम निरस्त हुआ। जरा पुलिस प्रशासन यह तो बताएं कि, इससे पूर्व कोई रैली नही निकली या डीजे नही बजे क्या ? 4 दिन पूर्व नगर में डीजे धमाधम बजते हुए निकल रहा था बिना अनुमति के तब कहा थे ? और अनुमति हो भी तो किस मुंह से दी ? आयोजक जिम्मेदार नही था तो भाजयुमो का दायित्व कैसे सौप दिया ? अरे अक्ल के दुश्मन मुंह पर ही आयोजक को बोल देते कि, कुर्सी की प्यास है थोड़ा ध्यान रखना तो 2 कुर्सी अतिरिक्त लगा देते। कार्यक्रम को निरस्त करने हेतु जिले भर के पदाधिकारीयों के भी मोबाईल घनघनाते रहे। एक छोटे से कार्यकर्ता को उगने से पहले ही दफनाने की योजना बनाकर कोनसा तीर मार लिया। इस पूरी घटना ने फिर साबित कर दिया तुम तो चटोरे व पक्के धंधेबाज हो जरूरत पड़ने पर… सौदा कर सकते हो।

*ये जो बोले….📞*

में भाजपा व हिंदुत्व के लिए कुछ करने जा रहा था, लेकिन छोटे से कार्यकर्ता को कार्यक्रम गांव के नेताओं ने ही नही होने दिया

*- राजेन्द्र “राजा” प्रजापत, आयोजनकर्ता, बाग*

प्रशासन से अनुमति नही मिलने व कुछ राजनीतिक लोगों के असंतुष्ट होने से कार्यक्रम निरस्त हुआ

*- गोविंद सोलंकी, (नेहा राजपूत के समर्थक)*

जो आयोजन करा रहा था, उसे एसडीएम साहब से परमिशन नही मिली तो निरस्त कर दिया

*- राजेन्द्र नरवरिया, थाना प्रभारी बाग*

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