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नगर सरकार के उपाध्यक्ष पद पर दावेदारों की नज़र : प्रबल सरदार के साथ ही अगवान व काग का भी दावा “एक फूल से दो माली नहीं पहुँचे नगर पंचायत में… वरिष्ठ चौकड़ी 13 फूल हरीश के हाथ ने उखाड़ फेंका”

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✍🏽सोमेश्वर पाटीदार-प्रधान संपादक👁
*www.janadeshparnazar.com*
📞… 9589123578

*✒खड़ी कलम…*
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*नगरीय…* निकाय के अध्यक्ष व पार्षद पद के आये परिणामों के पश्चात अब उपाध्यक्ष पद पर दावेदारों की नज़र गढ़ी हुई है। उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन में पार्षदों को मताधिकार के कारण महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। धार जिले की कुक्षी नगर पंचायत में मुकाम सिंह किराड़े अध्यक्ष निर्वाचित हुए वहीं 13 पार्षद भी भाजपा के ही चुने गए। जबकि कांग्रेस के महज 2 पार्षद ही नगर पंचायत में प्रवेश कर पाए।

पार्षदों में सबसे अधिक मत से विजय प्राप्त करने वाले लोकेश पाटीदार “सरदार” का नाम उपाध्यक्ष के रूप में निर्वाचन के पूर्व से ही चर्चा में था। क्योंकि सरदार सभी तरह से असरदार भी है। पिछले चुनाव में भी अध्यक्ष की दौड़ में थे लेकिन, बदलते समीकरणों के कारण उस वक़्त भी टिकिट न मिलने से मुकाम हासिल नही कर पाए थे। किंतु, अब पार्षद के रूप में खुद तो पहुँचे ही, अध्यक्ष पद पर अपने खास मुकाम को भी पहुंचा दिया।

साथ ही जातिगत समीकरणों में देखे तो पाटीदार सिर्फ सरदार ही, जबकि, 2 सीरवी बन्धुओं व 2 मालियों को टिकिट दिया गया। एक फूल दो माली के लिए मनमानी पर अड़ी भैरव नगर की चौकड़ी पर कांग्रेस के हरीश सेन भारी पड़े और अपने प्रभाव के साथ ही गजब की रणनीति बनाकर विजय हुए। अब लगाते रहो ओटले पर हाथ से मिली फूल हार का गुणा- भाग। क्योंकि हम पहले ही लिख चुके थे “एक फूल दो माली तो भावसार की क्यों थाली खाली” वार्ड-12 से तो वरिष्ठ रमण माली की कला से खिल गया फूल जीत गई शशिकला।

अरे हां… हम बात कर रहे थे उपाध्यक्ष की जिसमें पुरुष के बजाय महिला उपाध्यक्ष की बात आती है तो, सरदार के अतिरिक्त अल्पसंख्यक नेता यूसुफ अगवान की माताजी सरिपन अगवान भी कांग्रेस के लंबे समय से जमे गढ़ को ढहाकर नगर पंचायत पहुँची है। यूसुफ अगवान के भी सभी से अच्छे सम्बन्धो के चलते इनका नाम भी चर्चा में है। साथ ही सहकारी सोसायटी में पदाधिकारी बाबू काग की पत्नी तेजु बाई के दावे की भी चर्चा है।

अब देखना यह है कि, सरदार की राह में अन्य दावेदार कितने असरदार हो पाते है। कम जीते तो समस्या और ज्यादा जीते तो ये समस्या…

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