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उम्मीद-19…एसडीएम कुक्षी : डिजिटल इंडिया हो रहा और एसडीएम गुप्ता व्हाट्सअप ग्रुप में होते सवालों के जवाब के बजाय लेफ्ट होकर जिम्मेदारियों से भाग रहे_ *_ आम पर नियम झाड़ने वाले और खास पर मेहरबानी दिखाने वालों को औकात मत दिखाओ तो हम अच्छे # जनता की समस्याओं से जुड़ी हुई है मेरी सारी उम्मीदें जनाब… तुम और वह तलवे चाटू अवसरवादी फोटो छपाकसिंह क्या जाने “मेरी उम्मीदें ना-जायज़ हो और समस्याओं का निदान नही तो, मुझ पर ही कार्यवाही कर दो ज़नाब… कुछ तो करो…”

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✍🏽सोमेश्वर पाटीदार-प्रधान संपादक👁
*9589123578…📞*

*मेरा…* देश सच मे बदल रहा है… सरकार डिजिटल इंडिया का गुणगान कर रही है… और कुक्षी एसडीएम रिशव गुप्ता व्हाट्सअप ग्रुप से भाग रहे है… आईएएस की गर्मी दिखाकर कमजोरों पर कायदे-कानून झाड़ते जा रहे हो… और जब बात दबंगों पर कार्यवाही की आये तो दुम दबाकर भाग रहे हो… मेरी लिखी उम्मीद मेरी ही नही, जन समुदाय से जुड़ी उम्मीदें लगा रहे है… तुम इन पर खरा न उतरे फिर हमसे क्यों उम्मीद लगा रहे हो… तुम्हारी उम्मीद पर खरा उतरकर पत्रकार एक ताल बजा रहे है… जन उम्मीद पर खरा उतर तुम दूसरी ताल क्यों नही बजा रहे हो…

मित्रों… पिछले दिनों एक घटना पर सवाल खड़े करते हुए। मेरे द्वारा तहसील के जिम्मेदार अधिकारियों से दो शब्द सम्बन्धित मामले में बोलने का “नगर सुरक्षा समिति” व्हाट्सअप ग्रुप में लिखा गया था। लेकिन, उक्त मामले में दो शब्द कहने या कार्यवाही के बजाय आईएएस की गर्मी दिखाकर कायदे-कानून का पाठ पढ़ाने वाले एसडीएम रिशव गुप्ता ग्रुप से ही तत्काल लेफ्ट हो गए।

सारे शासकीय कार्य ऑनलाइन व जनता को भी डिजिटल इंडिया के सपने दिखाकर सरकार एक और तो अपडेट करना चाहती है। वहीं यह पढ़े-लिखे डिग्रीधारी ज़नाब…क्या संदेश देना चाहते है ? कोनसा गुनाह कर लिया हमने जन समुदाय की समस्याओं से जुड़ी उम्मीदें करके ? कानून का दुरुपयोग कर धमकाते हुए जेल भेजने की बात करना या कमजोरों को थाने पर बिठाए रखना कहा तक उचित ?

कुक्षी नगर सहित अनुभाग की विभिन्न समस्याओं से सिर्फ एक पत्रकारीता धर्म का पालन करते हुए ज्वलंत मुद्दों को शासन-प्रशासन में बैठे जिम्मेदार लोगों को अवगत करवाया जाना जारी है। किंतु जिम्मेदार अधिकारी तो मनमानी पर उतारू है ही, साथ मे स्थानीय जनप्रतिनिधि भी लापरवाह व निकम्मे या कहा जाए बे-असर साबित हो रहे है।

अंत मे इतना ही कहना चाहूंगा अवाम से क़ि, आगामी नगरीय निकाय व विधानसभा चुनाव में वोटों की भीख मांगने आये तो पहले नगर व क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं पर सवाल खड़े करें। जनता से वोट लेकर 5 वर्षो तक भृष्ट व लापरवाह अधिकारियों व धंधेबाजों के साथ मंच साजा करते है। जन सामान्य के जायज़ मुद्दों पर मौन धारण कर कमीशन की गली में घुसे रहते है।

ओके… चलते है फिर मिलेंगे 20 वीं उम्मीद के साथ…

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