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उम्मीद-18…एसडीएम कुक्षी : बड़ी आसानी से कहा था- शासन से बड़ा कोई नही, फिर दबंग अतिक्रमणकर्ताओं पर एसडीएम गुप्ता की बोलती बंद क्यों ? _*_ लिखित में मांगा और मैने दिया ज़नाब, बाग के यूसुफ खत्री की एक ईंट भी हटाई क्या ? _*_ भेदभाव पूर्ण कार्यवाही व उम्मीदों पर खरे न उतरने से ईमानदारी व डिग्री की गर्मी न दिखाने में ही सार “निष्पक्ष कार्यवाही में राजनीतिक व दबंगो का भय हो तो बता देना सोमेश्वर पाटीदार की शिकायत है…”

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✍🏽सोमेश्वर पाटीदार-प्रधान संपादक👁

*9589123578…📞*

*ज़नाब…* अतिक्रमण का हथौड़ा कहा भूल गए ? महीनों बीत गए कुक्षी विजय स्तम्भ से नरीमन पाइंट तक अतिक्रमण मुहिम का ट्रेलर तो धमाकेदार दिखाया था पर बाकी पिक्चर पर तेवर ढीले क्यों ? कुक्षी नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर अंगद के पांव की तरह जमे दबंगो का अतिक्रमण हटाने में क्या समस्या ? एक-दो दिन आये थे अतिक्रमण मुहिम लेकर परंपरागत स्थानों पर हटाने, जहां अक्सर कार्यवाही दिखाकर इति श्री कर ली जाती है। लेकिन अन्य दबंगो के अतिक्रमण पर अतिक्रमण का हथौड़ा चलता ही नही, जो शासन-प्रशासन को कमजोर साबित करता है। सहमत हूँ अतिक्रमण हटाने वाली प्रशासन की कार्यवाही से, किंतु न्यायसंगत निष्पक्ष भी तो हो ?

लोहारी में भी बताया जा रहा पिछले दिनों कुछ ऐसे ही भेदभाव पूर्ण कार्यवाही का प्रयास किया गया। जब कोई किसी की शिकायत कर रहा है तो उसकी शिकायत पर तो कार्यवाही करें, लेकिन उसके नीचे का भी तो अंधेरा देखो। किसी के इशारों पर भेदभाव क्यों ?

लगभग एक वर्ष गुजरने को आया है ज़नाब… आपको, देश छोड़ने की बात करने वाले बाग निवासी यूसुफ खत्री के अतिक्रमण से जुड़ी मय दस्तावेज़ प्रकाशित ख़बर की प्रति व लिखित में आवेदन देने का, फिर भी अब तक उसकी एक ईंट भी नही हटा पाए आप व आपका दबंग शासन-प्रशासन, फिर दबंग तो अतिक्रमण कर्ता यूसुफ खत्री या आप ? अब आप ही बताये किससे कैसे उम्मीद करें ? गर शासन-प्रशासन की नज़रों में अतिक्रमण न हो यूसुफ खत्री का तो मुझे भी संतुष्टिपूर्ण जवाब तो दीजिये। मेरी कोई दुर्भावनावश शिकवा शिकायत या उम्मीद नही है। में तो आपकी डिग्री की गर्मी का सदुपयोग देखना चाहता हूं जो कमजोर पर तो गर्मी दिखाती है, पर दबंगो के आगे एक दम ठंडी हो जाती है।

विश्वस्त सूत्रों से जानकारी में आया है कि, इस व्यक्ति के यहां से ही बड़े-बड़े नीचे से ऊपर तक के अधिकारी, नेता व सरकार में मंत्री रहे लोग सूट,साड़ी व चद्दर का आनंद लेते रहते है। हो सकता है कहीं न कहीं यह सहानुभूति भी आड़े आती रही हो। लेकिन, में नही मान सकता कि, आप इतने छोटे गिफ्ट के अहसान तले दबकर कार्यवाही नही की या नही करेंगे।

अबतक ऐसे कई दबंगो को प्रभावित करने वाली कार्यवाही की और आपने कदम बढ़ाए किंतु टच करके आधी-अधूरी कार्यवाही छोड़ देते हो, जिसका बड़ा उदाहरण कुक्षी गायत्री सरोवर का सौंदर्यीकरण व ड्रेनेज लाईन के साथ ही दबंगों के चिढ़ाते अतिक्रमण… निष्पक्ष व दबंगता से कार्यवाही करने की उम्मीद के साथ.. चलते है फिर मिलेंगे नई उम्मीद के साथ…

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