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80 वर्षीय पिता के साथ मारपीट व प्रताड़ना पर, सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी पर प्रकरण दर्ज : रोते-बिलखते पिता ने थाना प्रभारी सीबी सिंह को सुनाई आप बीती, पुत्र पर खाना न देकर घर से निकाल देने का आरोप “पिता की पीड़ा को नज़र अंदाज़ कर, पुत्र की पैरवी करने वाले छूट भेयो को सीबी सिंह ने सुनाई खरी-खरी”

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✍🏽सोमेश्वर पाटीदार-प्रधान संपादक👁
📞9589123578

*✒खड़ी कलम…*
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*”पूत कपूत क्यों धन संचय… पूत सपूत क्यों धन संचय…”* यह कहावत चरितार्थ होती दिख गत दिवस धार जिले के कुक्षी में… मामला यह है कि, सोनी मोहल्ला निवासी 80 वर्षीय शांतिलाल सोनी ने पुलिस थाना पहुँचकर प्रभारी सीबी सिंह से आप बीती सुनाते हुए कहा- कि, मेरे 4 बच्चों में 2 लड़कियां व 2 लड़के ज्ञानेश व प्रदीप है। सभी की शादी भी कर दी व में शुरू से ही प्रदीप के साथ रह रहा हूँ। लेकिन पिछले 8 वर्षों से प्रदीप मुझे ठीक से नही रखता व बात-बात पर अभद्रव्यवहार करता है व खाना भी नही देता। फिर भी जैसे-तैसे अपने दिन गुजार रहा।

आगे कहा- में एक बुजुर्ग हूँ, कमाने को कोई साधन नही और बीमार भी रहता हूँ। कमजोर होने से काम भी नही कर सकता हूँ। मेने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर बढ़ा किया। पर आज मेरा बेटा प्रदीप मेरी देख-रेख नही करता है। न खाना देता न इलाज़ करवाता है।

बुजुर्ग ने उपरोक्त सभी बातों सहित एफआईआर में लिखवाया कि, दिनांक 25/10/2017 को दोपहर करीबन 12 बजे घर की सीढ़ियों से उतर रहा था और थकने के कारण रुक कर लम्बी-लम्बी सांसे लेने लगा तो मेरी बहु उमा सोनी बोली ऐसे क्यों कर रहे हो, इतने पर प्रदीप आया और बोला तुम मेरी पत्नी को गलत-गलत बोलते हो और थप्पड़ मुक्की से मारपीट की व खाना भी नही दिया। और तू घर से निकल बोलके मारपीट कर निकाल दिया

बुजुर्ग ने काफी परेशान होकर समाज खुद की घटना की बात समाज के मोहनलाल सोनी, रामेश्वर सोनी व जगदीश सोनी को बताई फिर रिपोर्ट दर्ज करवाने को आने की बात दर्ज की गई।

थानाप्रभारी ने उक्त को मामले को गम्भीरता से लेते हुए प्रदीप सोनी के विरुद्ध प्रकरण क्रमांक-0679 धारा- 323 व माता-पिता, वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 की धारा-24 के तहत प्रकरण दर्ज किया।

समाज में अपनी प्रतिष्ठा की बात कर कालर ऊची करने वाले इतने गिर जाए तो क्यों न इन्हें कपूत कहा जाए। मां-बाप के प्रति काला मन रखने वाले चाहे जितने भी सफेद पोशाकों में अपनी चमक दिखाने का प्रयास करें। ईश्वर के कैमरे में सब कुछ कवरेज हो रहा। आज इनका तो कल यही अवस्था में तुम्हारा भी यह हाल हो सकता है।

इस उम्र में धन-संपत्ति देकर और छोटे से बड़ा कर परिपक्व करने के बाद किसी पुत्र को मां-बाप बदबू मार रहे हो तो मजदूर करके उनकी चाकरी करवा दो, या वृद्धाश्रम में सही सलामत पहुँचा देना चाहिए।

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