Home इंदौर क्रिकेट सट्टा व्यापार में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जुड़े है तार : शून्य...

क्रिकेट सट्टा व्यापार में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जुड़े है तार : शून्य से शिखर तक पहुँचे अवैध धंधेबाजों पर आयकर विभाग भी दौड़ाए अपनी नज़र _*_ चलती फ्रेंडशिप व बाग्लादेश प्रीमियम लीग के दौरान भी छापामार कार्यवाही पर पुलिस को मिल सकती सफलता “बे-ख़ौफ़ होकर क्रिकेट सटोरिये मोबाइल कंप्यूटर से करते है ऑनलाइन सट्टा व्यापार”

3982
222
SHARE

✍🏽सोमेश्वर पाटीदार-प्रधान संपादक👁
📞9589123578

*✒खड़ी कलम…*
“”””””””””””””””‘”‘””””””””””

*जलवे…* तो देखों यारों… जहा एक और ईमानदारी से मेहनतकश व्यापार करने वाले लोग जीएसटी व अन्य कानूनी प्रावधानों से चिंतित होकर व्यापार कर रहा। वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन क्रिकेट का सट्टा व्यापार करने वाले अवैध धंधेबाज मस्ती में मस्त होकर बे-ख़ौफ़ अपने काम-काज़ चलाते है।

सूत्रों से ज्ञात हुआ कि, इनदिनों चलती फ्रेंडशिप टी-20 में भी कामकाज कुकुरमुत्तों की तरह स्थान बदल-बदल कर जारी है। वहीं 4 नवम्बर से होने वाली बांग्लादेश प्रीमियम लीग भी धमाकेदार इंट्री करने वाली है।

पुलिस के सक्रिय होने से खुलेआम दिखाई नही देता लेकिन, मोबाइल व कम्प्यूटर से काले कारनामों को अंजाम देने वाले लोग बे-ख़ौफ़ दम मार रहे।

“जनादेश पर नज़र” की पिछली ख़बर से सट्टेबाजों में अंदरूनी रूप से हलचल मची हुई है। वहीं कुक्षी थाना प्रभारी सीबी सिंह भी निश्चित रूप से अपनी नज़रे बनाये हुए है। मौका मिलते ही आगामी दिनों में बड़ी कार्यवाही करने में सफलता मिल सकती है।

कुक्षी में ही देखे तो, बताया जा रहा 4-5 वर्ष पूर्व छोटे-मोटे कामकाज से जीवन यापन करने वाले कुछ लोग व निकम्मेपन की नीयत रखने वाले हराम की हरियाली में अब खूब फलफूल रहे है। शून्य से शिखर तक पहुँचे इन अवैध धंधेबाजों को आयकर विभाग द्वारा भी चिन्हित कर ठोस कार्यवाही की जाए तो सफलता मिलेंगी। हालांकि, काली कमाई को सफ़ेद करने के रास्ते भी इन लोगो ने बना रखे है। फिर भी खंगालेंगे तो खाली हाथ तो नही जाएंगे। कार्यवाही में सफलता की भी संभावना है।

क्रिकेट सट्टा में धार जिले के कुक्षी क्षेत्र के सट्टेबाजों के देश-प्रदेश ही नही, विदेश से भी तार जुड़े होने की खबर विश्वस्त सूत्रों से छनकर आ रही है। अवैध धंधेबाजों से जुड़ी खबरों से अपडेट रहने के लिए देखते रहिये “जनादेश पर नज़र” आगामी दिनों में क्या होगी ख़बर…

LEAVE A REPLY