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एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म दिन नॉलेज डे के रुप में मना : सपने देखो लेकिन खुली आँखों से और उन्हे पूरे करने में ताकत झोंक दो

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ग्वालियर। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी जीवन यात्रा का अंतिम दिन भी एक शिक्षक के रुप मे बिताया। उन्होने अपने आखरी भाषण की कक्षा में कहा था कि देश का सबसे बडा संसाधन युवा शक्ति के पास है। उनके नाम एपीजे में ही तीन पीढ़ियों के नाम जुडे थे। इस तरह की गंभीर, रोचक व ज्ञानवर्धक जानकारी पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के जन्म दिवस 15 अक्टूवर की पूर्व संध्या पर शासकीय महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज में आयोजित विशेष नॉलेज डे के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पीएससी एक्सपर्ट मनोज शर्मा व अन्य अतिथि वक्ताओं ने छात्र छात्राओं के बीच साझा की।

 

कार्यक्रम का आयोजन अलख-सामाजिक एवं जनकल्याण समिति, ग्वालियर ने शासकीय महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान मे किया गया था। पीएससी एक्सपर्ट व मोटीवेटर मनोज शार्मा ने वैज्ञानिक व पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन चरित्र और कार्यशैली का गहराई से अध्ययन किया है। उन्होने 2009 में कलाम सहाब के जन्म दिवस कोनॉलेज डे (ज्ञान दिवस) के रुप में मनाने की स्थापना की थी। जिसे बाद में यूएनओ भी इस दिवस के रुप मे धोषणा कर चुका है। कलाम साहब के ध्येय वाक्य सपने देखो, सपने देखो को युवाओं से अपनाने का आव्हान किया।

 

नॉलेज डे के कार्यक्रम मे डीआईजी महिला अपराध अशोक गोयल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार देवलिया, एडीजे नवीन कुमार सक्सैना, जिला विधिक सहायता अधिकारी हर्ष राज दुबे, वरिष्ठ पत्रकार डा. राकेश पाठक, शासकीय महिला पॉलीटेक्निक के प्राचार्य डा. ए सिद्दीकी, एडवोकेट गौरव समाधिया आदि खास तोर पर मौजूद थे।

 

एडीजे राजेश कुमार देवलिया ने इस मौके पर कहा कि डा. कलाम के एक एक उदाहरण से युवा पीढी को सीखने की जरुरत है। युवा पीढी एक लक्ष्य साधे और उसे पूरा करने में जुट जाये तो निश्चित रुप से सफलता मिल सकती है। इसी तरह एडीजे नवीन कुमार सक्सैना ने कहा कि कलाम साहब अपनी मेहनत व लगन से फर्श से अर्श तक पहुंचे। उन्होने युवाओं को सफलता और विधिक साक्षरता से संबधित खास टिप्स भी दिये। वरिष्ठ पत्रकार डा. राकेश पाठक ने सूचना क्रांति व सोशल मीडिया के इस युग में हर सूचना व खबर पर आँख मूंद कर विश्वास करने की बजाय हर सूचना पर शक कर उसकी पड़ताल करने की नसीहत दी। डीआईजी महिला अपराध अशोक गोयल ने युवाओं को खासकर महिलाओं से निडर जीवन शैली अपनाने व अपना निरंतर ज्ञानवर्धन करते रहने का आव्हान किया।

 

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जिला विधिक सेवा अधिकारी हर्ष राज दुबे ने निशुल्क कानूनी साहयता व महिलाओं की सुरक्षा से संबधित कानूनी प्राबधानो की जानकारी दी। स्वागत भाषण संस्था अलख की ओर से अनम खान ने दिया। प्रारंभ में अतिथिओं का स्वागत डा. निरुपम गुप्ता, सना उल्लाह खान, गजेन्द्र राजौरिया, अनम खान, नेहा प्रजापति, विनी मंगल आदि ने किया। कार्यक्रम का संचालन अलख के सचिव जावेद खान ने किया एवं आभार डा. निरुपम गुप्ता व मुख्य वक्ता मनोज शार्मा ने संयुक्त रुप से किया। पीएससी एक्सपर्ट मनोज शर्मा ने उपस्थित युवा व छात्राओं को सफलता के मूल मंत्र बताने वाली एक क्लास भी ली।

 

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