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भाजयुमो अध्यक्ष घोषणा पर असन्तोष की खबर के बाद पुनः आश्वासन देकर लॉलीपॉप थमाने का दौर जारी : कर्मठ कार्यकर्ता की उपेक्षा कर व्यक्ति विशेष ने बिठाया अपना प्यादा, “जनादेश पर नज़र” की खबर सुन पूर्वमंत्री व बादशाह ने अन्य दावेदार को किया कॉल_*_ 43″ डिग्री व नगर पंचायत में भुगत चुकी भाजपा को करना होगा चिंतन

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✍🏽सोमेश्वर पाटीदार-प्रधान संपादक👁
📞…9589123578

*✒…खड़ी कलम…*
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*धार* जिले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्षों की गत दिवस घोषणा की गई।जिसमें कुक्षी नगर अध्यक्ष के लिए राहुल जोशी की नियुक्ति की गई। घोषणा होने के तुरन्त बाद ही असन्तोष की आवाज़ भी सुनाई देने लगी। जिसकी सटीक खबर “जनादेश पर नज़र” द्वारा तुरन्त चलाई जा चुकी। खबर में स्पष्ट लिखा था कि, *अध्यक्ष पद हेतु अन्य विभिन्न योग्य दावेदार भी जोर आजमाइश कर रहे थे। जिनकी उपेक्षा कर जोशी को जिम्मेदारी दी गई।*

*सूत्रों के अनुसार यह व्यक्ति विशेष की पसंद बताया जा रहा है। जबकि, लगातार पार्टी के लिए समर्पित दावेदार को 7 वर्षो से आश्वासन का लॉलीपॉप थमाया जा रहा। विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ कि, आगामी निकाय चुनाव में वार्ड नंबर-7 व 12 निश्चित रूप से प्रभावित होंगे। इस घोषणा से असन्तुष्ट होकर दावेदार व अन्य कार्यकर्ताओ पर निराशा के बादल छा रहे है। जिसकी वजह से इनकी ओर से पार्टी कार्यो में सक्रियता अब दिखाई देना मुश्किल होगा।*

*जिम्मेदारों को इस मामले को गम्भीरता से लेकर अतिशीघ्र विचार कर उचित निर्णय लेना चाहिए। ताकि, भाजपा को आगामी चुनावों में इसका खामियाजा न भुगतना पड़े।*

अब क्या था, सूत्रों के अनुसार खबर तो चल पड़ी, और मनावर होकर सीधे बंगले में जा घुसी। जिसके बाद फिर से आश्वासन का लॉलीपॉप थमाने की ख़बर सम्बन्धित एक दावेदार के पास जा पहुँची। पूर्वमंत्री व बादशाह ने भाजपाई संस्कारों व रीति नीति का हवाला देकर आगामी समय में किसी अन्य पद पर बिठाने वाले मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखाते हुए आश्वस्त करने की कोशिश की। जिसका सम्बन्धित दावेदार पर कोई असर न हुआ उल्टा स्पष्ट रूप से नाराजगी ज़ाहिर करते हुए यहां तक कह दिया कि, प्यादे व उपेक्षित दावेदार को नगर के किसी भी कोने में खड़ा करके जनता से पुछलो की कौन क्या है।

बताया जा रहा असन्तोष से बंगला खास कर चिंतित इसलिए है, क्योंकि, नगरीय निकाय चुनाव व विधानसभा, मंत्रीमण्डल विस्तार में कहीं ऐसी असन्तोष की ख़बरे बाधा न उत्पन्न करें।

कहते है “दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पिता है” इसलिए पूर्व में असन्तोष का परिणाम 43″ डिग्री का व नगर पंचायत में भुगत चुकी भाजपा के साथ ही खासकर व्यक्तिवादियों को गहन विचार कर फूंक मारकर ही निर्णय लेना चाहिए।

सूत्रों से एक बात यह भी मेरे संज्ञान में आई है कि, कुछ समय पूर्व अपनी राय प्रकट करते हुए भाजपा के ही एक वरिष्ठ नेता ने नगर भाजयुमो के अध्यक्ष पद हेतु उपेक्षित दावेदार के लिए कहा था कि, “यह तो दारू पिता है”। तो उस अतिबुद्दिजीवी संस्कारित पुरुष से कहना चाहूंगा कि, क्या सरकार व संगठन में बैठे पदाधिकारी व विधायक, मंत्री दारू नही पीते ? अगर पीते है तो दी गई राय के अनुसार यह सभी पद मुक्त होना चाहिए ? और नही तो छोटे ईमानदार पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओ को बदनाम करने में भी रुचि न दिखाये। क्योंकि तुम तो बिन पेंदे के लोटे हो ही, कभी इधर तो कभी उधर गबड़ते ही रहते हो।

अब आगे देखते है कि, वरिष्ठ का स्टिकर चिपकाकर घूमने वाले बे-पकड़ नेता इस असन्तोष पर और क्या करने वाले है। साथ ही असन्तुष्ट लोग पाईन लाइन से कब तक बाहर रहेंगे। हालांकि, साइलेंट मोड़ पर नुकसान जरूर होगा।

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