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दो-मुँही सरकार की खोटी नियत पर हाईकोर्ट का हथौड़ा : 3 डूब प्रभावितों की रिहाई से सरकारी गिरोह के मंसूबो पर फिरा पानी _*_ वहां बलात्कारी बाबा की दीवानी सरकार… यहां शांतिदूतों पर षड्यंत्रपूर्वक प्रहार… “बलात्कारी के समर्थक सांसद साक्षी महाराज, मुख्यमंत्री खट्टर पर संरक्षण देने व हत्या का प्रकरण दर्ज हो? “

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✍🏽सोमेश्वर पाटीदार-प्रधान संपादक👁
📞9589123578

*✒…खड़ी कलम…*
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*आगाह…*करता हूँ उन तमाम लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास करने वाले राष्ट्र हितेशी सामाजिक व राजनैतिक संगठनों के साथ ही जनसाधारण से कि, सत्ता में बैठे लोग इसे खंडित करने का दुस्साहसीय अमानवीय कृत्य करने पर उतारू है। आदर्श-मूल्यों-संस्कारो की दुहाई देने वाले पाखंडी लोग आज सत्ता सुंदरी को अपने आगोश में लेने या लेते रहने के लिए मानवता को भी तार-तार करते हुए कदम पर कदम बढ़ाते जा रहे। इनकी बदनीयती से इतने गिरे जा रहे कि, अभिनेता नाना पाटेकर कि, एक लाइन याद आती है…

*_गिरो सालों गिरो, मगर उस झरने की तरह गिरो। जो गिर कर भी, अपनी सुंदरता नही खोता ।।_*

इसी के साथ अब आगे सरकार के दोमुंहापन को प्रकाशित करने वाले दो बड़े मामलों पर कलम खड़ी करना चाहूंगा… एक है नर्मदा बचाओ आंदोलन से प्रभावित लोगों का दर्द और उनकी जायज़ मांगो पर सरकार की भूमिका ! वहीं दुसरा मामला है हरियाणा के पंचकूला के गुरमीत राम रहीम सिंह द्वारा साध्वी से बलात्कार प्रकरण पर सरकार की भूमिका !

*सरकार की पहली भूमिका*

एक तरफ यहां 32 वर्षों से नर्मदा घाटी के लोग सरदार सरोवर से प्रभावित होने के कारण शांतिपूर्वक अपनी जायज़ मांगो को लेकर आंदोलनरत है। और सरकार इन पर विस्थापन व विकास के नाम पर आकड़ो की बाजीगरी करते हुए, बिना न्यायसंगत कार्य करते हुए दमनचक्र कर रही। एक ओर सरकार इनकी समस्याओं व मांगो को गम्भीरता से निराकरण करने के बजाय गांधीगिरी से अनशन पर बैठे एनबीए नेत्री मेधा पाटकर व कार्यक्रताओं को जबरन उठाना भर ही नही, इन हजारों कार्यकर्ताओं पर अपहरण व हत्या के प्रयास जैसी धाराओं को झूठ के पुलिंदे के साथ लादते हुए, संवैधानिक अधिकारों को खत्म करने की हरकत किये जा रही। सरकार द्वारा दर्जनों वकील खड़े करने के बावजूद मेधा पाटकर को पूर्व में ही, तो बाकी उनके साथी देवेंद्र “संटू” कामदार, धुरजी पाटीदार, विजय मरोला को हाईकोर्ट ने जमानत याचिका स्वीकार कर जमानत दे दी। इस आदेश के बाद सरकार की हजारों लोगो पर झूठे प्रकरण दर्ज कर दबाव बनाकर मानवाधिकारों की हत्या करते हुए दमनचक्र रूपी मंसूबो पर पानी फिर गया। सरकार अपने लोगो की जायज़ दरकार सुनकर न्याय करने के बजाय नर्मदा घाटी को रणभूमि की तरह मानते हुए सरकारी मशनरी का गिरोह के रूप में दुरुपयोग कर रही।

*सरकार की दूसरी भूमिका*

वहीं दूसरी ओर 15 वर्ष पहले साध्वी से दुष्कर्म करने वाले बलात्कारी गुरमीत राम रहीम सिंह को पिछले दिनों हाईकोर्ट सीबीआई ने दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की सजा का फैसला देते हुए जेल भेज दिया। इस बलात्कारी पर सत्ताधारी लोग इस कदर दीवाने होकर मेहरबान थे कि, इनकी लापरवाही में रामरहीम की कोर्ट में पेशी के दौरान धारा-144 लागू होने के बावजूद लाखो बलात्कारी समर्थक इकठ्ठे हुए। कोर्ट द्वारा दोषी मानने पर इन उपद्रवियों ने आग लगाई,तोड़फोड़ कर जान-माल को हानि पहुचाई लगभग 38 लोग मारे गए, हजार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। जज को कहना पड़ा की सरकार ने शहर को जलने दिया ! व डीजीपी को हटाने की बात कहीं ! विचारणीय बात है कि, संस्कारो की बात करने वालो ने एक साध्वी की अस्मत लूटने वाले गुरमीत व उसके समर्थकों पर कानूनी चाबुक क्यो नही चलाया ? इतना ही नही भाजपा सांसद साक्षी महाराज एक कदम आगे बढ़कर बलात्कारी का बचाव करते हुए बोलता है कि, पूरा घटनाक्रम भारतीय संस्कृति के खिलाफ साजिश। कोर्ट ने केवल एक महिला को सुना, जबकि राम रहीम के करोड़ों अनुयायियों को अनसुना कर दिया। उसने यहां तक कहा कि अगर कोई बड़ी घटना होती है तो उसकी कोर्ट जिम्मेदार होगी। में पूछना चाहता हूँ, क्या असंवैधानिक बात करने पर साक्षी महाराज पर कोई कार्यवाही होगी? करोड़ो रुपयों की माल हानि व हिंसक प्रदर्शन में मारे गए लोगों के बाद लापरवाह मुख्यमंत्री खट्टर पर संरक्षण देने व हत्या का दोषी मानते हुए प्रकरण दर्ज होगा ? जबकि हाईकमान तो अब तक स्तीफा लेने की स्थिति में भी नही दिख रहा। आरोप सामने आ रहे कि, राम रहीम दर्जनों विधानसभा सीटों पर प्रभाव रखता है जिसका लाभ सत्ताधारी दल ले रहा इसलिए बलात्कारी पर मेहरबान व दीवानापन बना रहा ? बाद में भले ही प्रकरण दर्ज किए हो उपद्रवियों पर लेकिन समय रहते क्यों नहीं की उचित कार्यवाही? कहना चाहूंगा, धर्म के नाम पर मानवता धर्म को खंडित करने वाली शक्तियां ज्यादा समय नही टिक सकती। दूरद्रष्टा लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कहा था कि, क्या आजादी को आज़ाद भारत के लोग हज़म कर पाएंगे ? पटेल के यह अनमोल वचन कहीं न कहीं दिखाई दे रहे… राष्ट्रहित में आगे बढ़ते रहने की शुभकामनाओ के साथ…

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