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कांग्रेस विधायक उमंग का पठ्ठा बलात्कारी आशिक गिरफ्तार : जामन्या भूतिया में भी विधायक ने अपराधियों का बचाव कर, पुलिस पर बलात्कार का लगाया था झूठ आरोप * *बढ़ते दबाव के बाद देर रात पुलिस की कार्यवाही “रंजना-उमंग को सत्ता की चिंता…जनता की होती तो डूब प्रभावितों के साथ भी खड़े होते”

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✍🏽सोमेश्वर पाटीदार-प्रधान संपादक👁 📞…9589123578

*✒…खड़ी कलम…*
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धार जिले के गंधवानी विधायक उमंग सिंघार के पठ्ठे आशिक पठान पर पिछले दिनों मनावर तहसील के ग्राम भिकन्याखेड़ी की युवती द्वारा बलात्कार सहित गम्भीर आरोप लगाकर पुलिस थाने पर प्रकरण दर्ज करवाया गया था। उमरबन चौकी थाना मनावर में कांग्रेस नेता व उमरबन सदर बताए जाने वाले आशिक पठान के साथ ही एक औऱ व्यक्ति राजू द्वारा मिलकर पीड़ित के साथ दुष्कर्म किये जाने की आपराधिक रिपोर्ट दर्ज हुई थी। आशिक की गिरफ्तारी को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की बयान बाजी व प्रदर्शन के साथ ही प्रदेश की राजधानी भोपाल तक हलचल मच गई थी। पुलिस प्रशासन पर बढ़ते दबाव के बाद आखिर गत रात्रि लगभग 1:30 बजे आशिक पठान को गिरफ्तार कर लिया गया। इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई थी जिन्हें गत रात्रि सफलता मिली। सनद रहे टाण्डा थाना क्षेत्र में भी जामन्या भूतिया कांड में अपराधियों का संरक्षण करते हुए विधायक उमंग सिंघार ने कार्यवाही करने गई पुलिस पर ही बलात्कार करने के गम्भीर आरोप लगा दिए थे। जनता के समर्थन में आगे आना चाहिए लेकिन अपराधियों के नही, तब विधायक कहा थे जब यही अपराधी लोग लूट-डकैती कर जनसामान्य में भय का आतंक फैलाकर निंदनीय घटनाओं को अंजाम देते थे ? और इनका समर्थन कर रहे हो तो इन अपराधी लोगो से लूट का शिकार होकर दूसरी अधिक संख्या में जनता भयभीत थी, क्या उनके घरों पर जाकर उनसे पीड़ा जानी थी ? और अब सरदार सरोवर से प्रभावित होकर कई परिवार अपने अधिकारों के लिए न्याय की गुहार लगा रहे उनके साथ क्यों नही आगे आ रहे ? जनता के द्वारा जनता के लिए चुने गए यह जनप्रतिनिधि अपराधियों के लिए क्यों ? निश्चचित रूप से जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ने में लगते बेबुनियाद आरोप स्वीकार योग्य हो सकते, परन्तु अपराधियों के संरक्षण की भूमिका स्वीकार नही, घोर निंदनीय है। बताया जा रहा पीड़िता के न्याय की बात को लेकर सांसद सावित्री ठाकुर ने भी वरिष्ठ अधिकारियों व नेताओ से मिलकर चर्चा की थी। फिर भी सवाल तो बड़ा यह भी खड़ा होता है कि, मामा शिवराज के राज में भांजियों की इज्जत लूटने वाले भेड़िये 15 दिनों तक फरार रह पाते है ? और जनप्रतिनिधि राजनीतिक नोटंकी व अधिकारी दबाव के साथ ही तत्काल गिरफ्तार करने में असमर्थ होता है ? आशिक पठान जैसे लोगो ने राजनीति को ही गंदा नही बल्कि मानवता को भी शर्मसार किया।

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