Home इंदौर जब कार्यवाही नही करना थी तो एसडीएम ने छापा क्यों मारा ?...

जब कार्यवाही नही करना थी तो एसडीएम ने छापा क्यों मारा ? : मामला बाग मे नियमो विरुद्ध,फर्जी चिकित्सालयों पर की गई कार्यवाही का

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बाग। दिनाँक 01मई 2017 को कुक्षी के S.D.M. रिशव गुप्त ने अपने अनुविभाग जनपद बाग मे भम्रण के दौरान आम लोगो के जन जीवन के साथ खिलवाड करते निजी चिकित्सक जो मेडिकल काउसिंल आँफ ईण्डिया(M.C.I.)के नियमो विरुद्ध प्रेक्टिस कर, जन स्वास्थ्य को प्रभावित करते थे, उन चिकित्सकों के असंवैधानिक क्लिनिको पर, प्रभारी B.M.O.डाः मुवैल को अपनी टीम के साथ बुलाकर, आयुर्वैद की डिग्री प्राप्त, फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ नियमो के विरुद्ध एलोपैथी चिकित्सा करते, एवं मरीजो को ग्लुकोज मे दवाईयाँ मिलाकर चढा़ने के मामले को पकड कर उनके चिकित्सालयों से प्रतिबंधित दवाईयाँ
जप्त करके पंचनामा बनाकर उचित कार्यवाही के निर्देश S.D.M. ने प्रभारी B.M.O. को दिए।
इस मामले को लेकर प्रभारी B.M.O..ने थाना प्रभारी, बाग को निजी चिकित्सक, जितेन्द्र सोनी एवं प्रकाश पटेल के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही का एक पत्र लिखे साढे तीन माह हो गये, परन्तु इनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नही होने से ,उनके साथ बाग नगर मे फर्जी एवं बंगाली डाक्टरो के द्धारा धडल्ले से निजी चिकित्सालय संचालित होकर आम जन के साथ, भोले आदिवासीयो के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड चल रहा है, और जिम्मेंदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे है।
जब इस मामले मे प्रभारी B.M.O. से पूछा गया कि आपने S.D.M. के साथ पंचनामा बनाया और जप्ती की कार्यवाही के बाद पुलिस थाने मे पत्र लिखा, उसके बाद कार्यवाही क्या हुई, इस पर उनका कहना था कि, S.D.M. के पास हम गये थे, परन्तु उन्होने कह दिया कि अब कोई कार्यवाही नही करना , मामले को छोड दो, तब हमने भी मामले को छोड दिया।क्योंकि मामला S.D.M..का था, इसलिए उनके जैसे निर्देश थे, हम पालन कर रहे है।
यह प्रकरण आम जन चर्चा का विषय बन गया कि आखिर इस मामले पर चुप्पी साधने की आखिर कौन सी मजबुरी रही ? डाक्टर बने इन चिकित्सकों को किन कारणों से संरक्षण
देकर, माफ कर देना
प्रशासन के किस संविधान मे लिखा है,
समझ से परे है ?
(इस खबर के साथ B.M.O. का पुलिस थाना बाग को लिखे पत्र की प्रतिलिपी )

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