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आरएसएस मुख्यालय एवं कार्यालयों में भी तिरंगा फहराने की रिकार्डिंग हो, नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह की मांग

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भोपाल। नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने कहा है कि सरकार को यह भी आदेश निकालना चाहिए कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नागपुर स्थित मुख्यालय और प्रदेश के कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी हो। उन्होंने कहा कि यह इसलिए जरूरी है क्योंकि आरएसएस राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान से परहेज करता है।

नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने कहा जो लोग राष्ट्रवाद और राष्ट्रगान की बात करते हैं, उनकी कलई 9 अगस्त 2017 को खुल गई जब भारत छोड़ो आंदोलन की 75 वीं वर्षगांठ पर हुए समारोह में न तो तिरंगा दिखलाई दिया और न ही पूरे आंदोलन के नेता राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर दिखलाई दी। उन्होंने कहा की मुख्य समारोह में मंच पर लगे बैकड्रॉप में सिर्फ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और श्री शिवराज सिंह चौहान के फोटो थे। पूरे शहर में लगे होर्डिंग में भी यही दो फोटो थी। श्री सिंह ने कहा कि जिन लोगों के पितृ संगठन ने इस आंदोलन में भाग न लेकर अंग्रेजों का साथ दिया वे लोग आज स्वाधीनता संग्राम की बात कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राष्ट्रभक्तों का यह सुनियोजित षडयंत्र आजादी के इतिहास के साथ न केवल छेड़छाड़ है बल्कि नई पीढ़ी को गुमराह करने की साजिश है।
दिल से बात शिवराज का घिसापिटा अलाप
नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने कहा है कि “दिल से बात” कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान की बातें घिसापिटा अलाप ही था। उन्होंने कहा कि पहले की गई घोषणाओं का ही किसानों को कोई लाभ नहीं मिला तो अगले डेढ़ साल में मुख्यमंत्री द्वारा की गई इन घोषणाओं का क्या होगा। मुख्यमंत्री जो उपलब्धियाँ 13 साल से गिना रहे हैं, उन्हें फिर से दोहराने के लिए उन पर जनता की गाढ़ी कमाई के एक करोड़ रूपए लुटा दिए गए। श्री सिंह ने कहा कि काम करने की बजाए मुख्यमंत्री अब फिर से अपनी ब्राडिंग में लग गए हैं। श्री सिंह ने सवाल किया जब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सफल है तो वे दूसरी फसल बीमा योजना बनाने की बात क्यों करते हैं, जब कृषि विकास दर 20 प्रतिशत है, जब वे कई उत्पादन में अव्वल है तो फिर किसान कर्ज के बोझ तले, सूदखोर के दबाव में आत्महत्या करने के लिए क्यों मजबूर है। पिछले दो माह में 80 किसानों की आत्महत्या का कोई जवाब है शिवराज सरकार के पास।
जयभान सिंह पवैया और भाजपाध्यक्ष की स्वीकार्यता ही इस सरकार की हकीकत
नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह ने कहा कि भाजपाध्यक्ष द्वारा भ्रष्टाचार होना स्वीकारना और उच्च शिक्षा मंत्री का तबादला उद्योग पर बयान बताता है कि सरकार किस तरह माफियाओं के सामने असहाय है। एक तरफ प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार न करेंगे और न करने देंगे का फेकू नारा देते है, दूसरी तरफ उनकी मध्यप्रदेश सरकार घोटालेबाजों की सरकार बनी है। श्री सिंह ने कहा कि तबादले में दबाव की बात स्वीकार करने उच्च शिक्षा मंत्री ने यह बता दिया है कि इस बार तबादले के व्यवसाय में अरबों रूपए का लेनदेन हुआ है। जयभान सिंह पवैया को यह भी बताना चाहिए कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपाध्यक्ष श्री नंदकुमार चौहान सहित किसने किसकी सिफारिश की उनके नाम उजागर करें।
खाद्यान्न घोटाला की सीबीआई से जाँच हो
नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह ने कहा कि गरीबों के नाम पर दिए जाने वाला राशन 1 रूपए किलो गेहूं, चावल ओर नमक को भी शिवराज सरकार के घोटालेबाजों ने नहीं बक्शा। यह सुविधा 37 जिलों के 14 लाख अपात्र लोगों को मिलना गंभीर मामला है, इसकी सीबीआई से जाँच करवाई जाना चाहिए।

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