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सरदार सरोवर डूब प्रभावितों पर दमन कर, लोकतंत्र की हत्या करना चाहती सरकार: “गुजरात चुनाव की बलिवेदी पर घाटी के 40 हजार परिवारों को चढ़ा रहे मोदी ओर गुड लिस्ट में आने के लिए सहयोग कर शिवराज खुद के प्रदेश की जनता के साथ कर रहे अन्याय” _गुजरात सरकार से हक मांगने में शिवराज को शर्म कैसी?_ : मंदसौर कांड की तरह न जल उठे नर्मदा घाटी संभल जाओ,कागजी विस्थापन होने का दावा करने वाले मैदान पर आकर देखे_ : _एसडीएम गुप्ता जैसे नो-सिखिये अधिकारी शांतिपूर्ण आंदोलन में लगा रहे आग_ : _जेल में डालने की धमकी व गालीगलौज करने के एसडीएम पर आरोप_ “एसडीएम गुप्ता से मेरी जान को खतरा, करवा सकता हत्या-विधायक हनी बघेल”

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✒खड़ी कलम…*
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*सत्ता* की दलाली में लोकतंत्र की हत्या करने पर तुली सरकार? चारो स्तम्भो को खंडित कर सौदागरी में लगी प्रजातंत्र की कहलाने वाली आज की सरकार? तमाम अपराधों के साथ अभिव्यक्ति ओर मौलिक अधिकारों का भी गला घोंट खुद पर 307 का लेबल चिपकाने पर आमादा क्यो है सरकार? झूठी वाहवाही ओर सो बार झूठ को बोलकर सच साबित करने वाले संस्कार डालते हुए शिवराज ओर मोदी सरकार खुद से पोषित व दल्ले मीडिया के चाटुकारोे के द्वारा खबरों से परोस रही? मुद्दे की बात करते हुए सुझाना चाहता हूं…सरदार सरोवर डूब क्षेत्र से लेकर दिल्ली तक बैठे सरकार के लोग व उनके बंदवा मजदूर जिनकी इंसानियत मर चुकी ओर सच को सच व झूठ को झूठ नही कह सकते कि, पिछले दिनों शांति पूर्ण आंदोलन ही किसानों के द्वारा अपनी मांगों को लेकर किया जा रहा था लेकिन… उन निहत्थे किसानों पर गोलीबारी करके भून दिया और मौत के घाट उतार कर कई परिवारों को अनाथ कर दिया था। जिसकी आग अभी भी सतह से धधक रही शिवराज… लगातार कृषि अवार्ड पाने वाले प्रदेश के किसान गोलियों से मरते है क्यों ? क्या फिर से 32 वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने वाले डूब प्रभावितों की शांति छिनने के साथ ही नर्मदा घाटी को भी मंदसौर से भी बड़ी अनंत निंदनीय भर्त्सना वाली घटना के अंजाम का इंतजार कर आग में धधकने का इंतजार कर रहे हो? कान खोलकर सुने शिवराज ओर मोदी… सुप्रीम कोर्ट को गुमराह कर सरकार के द्वारा डूब प्रभावितों का विस्थापन हो गया बताकर 31 जुलाई गेट बंद कर डुबोने का आदेश करने में मदद की? जबकि विस्थापन की नोटंकी तो आदेश के बाद कि जाने लगी? अरे हत्या ही करना चाहते हो तो 307 का लेबल भी नही लगेगा… यहाँ के पीड़ित तो इच्छा मृत्यु ही मांग रहे दे दो है यह करने का भी साहस तुममें ? जब खुद का घर उजड़ता है तो पता चले पीढ़ी दर पीढ़ी जिस आंगन में रहे बड़े हुए और जिस धरती पर अन्न पैदा कर खुद ही नही ओरो का भी पेट भरा उस इंसान का दर्द। अरे तुम्हारी तो कुर्सियां हिलने पर ही ऊपर का पसीना नीचे तक आ जाता है और जनता के धन से ही जनकल्याण के नाम पर नोटंकी भरी झूठी यात्राएं व झूठा उपवास कुर्सी पर बने रहने के लिए करते हो। तो जरा सोचिए तुम्हारी तो सिर्फ कुर्सी ही पर इन डूबने वालो का तो घर-बार ही चले जायेंगे कितना बड़ा पत्थर दिल पर रख कर बैठे है शांति से ये लोग। निश्चित रूप से राष्ट्र हित मे कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है पर, जो खो रहे है उनको तुम्हारा आभार मतलब जीवन यापन व जरूरी सुविधा के साथ ही नियमो के मुताबिक हक भी तो न्यायसंगत मिले। ऐसा न होते हुए इन पर सरकार की मंशा को पूरा करने हेतु दमन चक्र चलाते हुए इनकी आवाज़ को दबा कर तुम्हारी गुड लिस्ट में स्थान पाने या नो-सिखिया कहे ऐसा कुक्षी एसडीएम रिशव गुप्ता आईएएस की डिग्री से नर्मदा घाटी का ओर आंदोलन का तापमान बढ़ाते ही जा रहा। विस्थापन के लिए जरूरी सुविधा देने व पीड़ितों की बात सुनने के बजाय जेल में भेजने व देख लेने की धोंस देकर पीड़ितों के दिलो पर रखे पत्थर को उठाने पर आमादा है। किसी पर गाली देने के तो किसी पर जांग ठोककर धमकाने के आरोप लग रहे। जिस दिन दिल से पत्थर उठ गया तो नर्मदा घाटी ऐसी जलेगी ओर जलायेगी की तुम तो क्या शिवराज तुम्हारे सरदार मोदी की कुर्सी तक उस आग की लपटें चल आएगी। आज के हालात को मद्देनजर रखते हुए पीड़ितों के प्रति सहानुभूति पूर्वक उनकी उचित मांगो का अतिशीघ्र निदान करना होगा। साथ ही रिशव गुप्ता जैसे काम बढ़ाऊँ अधिकारी को तत्काल इस क्षेत्र की जिम्मेदारी से मुक्त करना होगा। ताकि शांतिपूर्ण तरीके से विस्थापन भी हो और कोई न्याय से वंछित न रहे।

*_बताना चाहूंगा एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की पीड़ा… आमजन की कैसी दशा हो रही होगी👇🏻_*

*एसडीएम गुप्ता से जान का खतरा,असामाजिक तत्वों को बुलाकर करवा सकता हत्या*

कुक्षी विधायक सुरेंद्र सिंह “हनी” बघेल ने पुलिस चौकी निसरपुर में शिकायत करते हुए कहा- एसडीएम रिशव गुप्ता से मेरी जान को खतरा है, असामाजिक तत्वों को बुलाकर करवा सकता है मेरी हत्या। रिशव गुप्ता जानता है कि, विधायक डूब प्रभावितों के साथ है उनकी लड़ाई लड़ रहे तो पहले इन पर कार्यवाही करें तो आंदोलन कमजोर होगा। एसडीएम डूब क्षेत्र के लोगो को देख लेने व कार्यवाही करने की बात कर धमकाते रहते। पर हम सभी एक साथ मिलकर मजबूती से हक के लिए लड़ेंगे।

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